Sunday, 7 June 2015

Lesson 6 - Alphabets (contd...)

Hello everyone! So, how is your Persian learning going on? We have covered many letters and some observations of the language, so far. In the following lesson, we shall complete all the letters and then move on to vowels, in the next lesson. Cheers!

अध्याय - ६
कुछ और वर्ण


ف - फ़े - फ़ का उच्चारण । यह फ को और स्पर्श की तरह उच्चारित करने से मिलता है । आग बुझाते समय निकाली गई फूंक के फ़.. का उच्चारण जैसे हो, उसी प्रकार .. लगभग ।
ق - क़ाफ़ - क़
ک - क - सामान्य क । कबूतर ।کبوتر
گ - गाफ़ -  ग का उच्चारण। अरबी में ग नहीं होता । अतः ग से बने सभी शब्द जो फ़ारसी में हैं, मूल हैं ।


ل - लाम - ल का उच्चारण ।


लाम की मात्राएँ इस प्रकार हैं -


juu
jee
jaa
jo/ju
je
jae
j
لو
لی
لا
لُ
لِ
لَ
ل
लो/लू
ले/ली
ला
लु
लि
लॆ
ल


यहाँ ला की लिखावट पर ध्यान दें ।


م - मीम । म का उच्चारण । इसकी मात्राएँ इस प्रकार होती हैं -


muu
mee
maa
mo/mu
me
mae
m
مو
می
ما
مُ
مِ
مَ
م
मू/मो
मे/मी
मा
मु
मि
मॆ
म


ن - नून - न का उच्चारण । नून-ए-ग़ुन्नः वो न है जिससे अनुस्वार का उच्चारण होता है । अक्सर शब्दों के अन्त में आता है । जैसे -आसमान के बदले आसमां का उच्चारण, जहान के बदले जहां, ज़मीन के बदले ज़मीं इत्यादि... ।
و - वाव - व का उच्चारण । किसी वर्ण के बाद लगने से ऊकार की मात्रा का उच्चारण होता है । (तीसरा अध्याय)
ه - हे - उर्दू में इसे छोटी हे कहते हैं ।
ی - या - य का उच्चारण । इसको किसी वर्ण के बाद लगाने से ई की मात्रा का उच्चारण भी होता है । देखें तीसरा अध्याय ।


तो इस प्रकार पूरी फ़ारसी वर्णमाला पूरी होती है । आपने ग़ौर किया होगा कि कई सारे वर्ण एक जैसे उच्चारित किये जाते हैं । जैसे सीन और सवाद एक जैसे,  ज़े, ज़ॉल, ज़्वाद और ज़ॉय एक जैसे, और ता और तॉय इत्यादि । ध्यान रहे कि एक जैसे उचारने के बावजूद इसको वर्तनी में एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता ।

इसके साथ ही पूरी वर्णमाला ख़त्म । आगे पढने से पहले इनको एक बार याद कर लें ।

अभी उत्तर भारत में गर्मी बहुत पड़ रही है । आपको मालूम है कि फ़ारसी में मौसमों के नाम क्या होते हैं ? इनको लिखा कैसे जा सकता है? सोचिये, जवाब फिर कभी !

Tuesday, 2 June 2015

Lesson 5 - Alphabets (contd...)

A few more letters...

अध्याय - ५


अभी तक सिखाए गए वर्ण ये हैं -
ا - ب - ت - پ - ث - چ - ج - ح - خ - د - ذ
इनके नाम सहित उच्चारण का अभ्यास कर लें ।


आगे के वर्ण


ر - रे - इससे र का उच्चारण होता है । ये अपने बाद (यानि बाएँ) आने वाले अक्षरों से नहीं जुड़ता । उदाहरणार्थ रब लिखने के लिए इस प्रकार की लिखावट होगी - رب । ध्यान दीजिये कि र और ब में संपर्क नहीं है ।
ز - ज़े - ज़ का उच्चारण । यह भी, रे की तरह, अपने अगले अक्षर से संपर्क नहीं रखता । ये भी ग़ौरतलब है कि रे और ज़े दोनो ही अपने पूर्ववर्ती (यानि दाहिने) के अक्षर से संपर्क रखते हैं । जैसे बर (अर्थ - उपर) की लिखावट ऐसी होगी - بر । इसी प्रकार मीज़ (टेबल) की लिखावट होगी - میز
س - सीन - स का उच्चारण । जैसे सर - سر
ش - शीन - श का उच्चारण । जैसे शाख़ में । شاخ
ص - सुआद - स । सीन और स्वाद दोनों से स का उच्चारण होता है, इनमें फ़र्क तो है पर जानना आवश्यक नहीं । इसके प्रयोगों को याद रखना ही आसान है ।
ض - ज़ाद - ज़ । ये ज़ के उच्चारण का तीसरा वर्ण है । कुछ अरब देशों में इसे द से उच्चारित किया जाता है, और इस अक्षर को द्वाद पढ़ा जाता है ।


ط - तॉय - त । इसमें और ता (अध्याय 3, ت) में कोई ख़ास फ़र्क नहीं है । लेकिन शब्दों की वर्तनी में एक दूसरे की जगह प्रयुक्त नहीं होते । जैसे तिफ़्ल (बच्चा) के लिए तॉय इस्तेमाल होता है - طفل। ता का इस्तेमाल करना ग़लत होगा ।
ظ - ज़ॉय - ज़ । ज़ (z) के उच्चारण के लिए ये चौथा वर्ण है ।
ع - आइन - स्थिरता । ये वाक्य में एक ठहराव (लेकिन पूर्ण विराम नहीं) के लिए इस्तेमाल होता है । इसके बीच में आने पर नीचे का भाग कट जाता है । स्पष्ट होने के लिए मा’ल (परिणाम) - معال  । यहाँ रेखांकित किए हुए स्वरूप में आईन पर ग़ौर करें । शब्दों के आख़िर में आने पर ये संपूर्ण रूप में रहता है - जैसा कि हर किसी अक्षर की प्रकृति है ।
غ - ग़ाईन - ये ग से अलग है । इससे ग़ुलाम और ग़म जैसे शब्द बने हैं । लिखावट में ये भी आईन की तरह है बस एक नुक़्ते का अन्तर है । जैसे ग़म - غم

शब्द उदाहरण

तमीज़ - تمیز - साफ
सुर्ख़ - سُرخ - लाल
सब्ज़ - سبز - हरा

लाल - لال - लाल

That ends today's session. Do see the complete list again. There is just one more to come. Very soon!

Monday, 1 June 2015

Lesson 4 - Alphabets (contd..)

Hello,

You learn the starting part of the Persian/Farsi alphabets. Please continue with the 2nd of the 3 parts.

अध्याय - ४
वर्णमाला में आगे


आगे के अक्षर -


ج - जीम  - इससे ज का उच्चारण होता है । शब्द के बीच में इस्तेमाल होने पर नीचे का घुमाव कट जाता है ।


अगले तीन अक्षर इसी की तरह हैं, बस नुक्तों में अन्तर है - और ये फ़ारसी लिपि में बहुत महत्वपूर्ण है । जीम की सारी मात्राएँ इस प्रकार होंगी -

juu
jee
jaa
jo/ju
je
jae
j
جو
جی
جا
جُ
جِ
جَ
ج
जू
जी
जा
जो/जु
जे जि
जॆ
ज


इनमें जो ह्रस्व मात्राएँ हैं, उनमें यह माना गया है कि जीम शब्द का अन्तिम अक्षर है । अगर जीम शब्द के बीच में कहीं आ रहा हो तो ज़बर, ज़ेर और पेश ऐसे ही रहेंगे लेकिन जीम का स्वरूप वैसा होगा जैसा कि दीर्घ मात्राओं में बताया गया है ।


چ - चे/चेः - इसका उच्चारण च होता है । अरबी में च (साथ ही ‘प’ और ‘ग’) नहीं होता, अतः ये अक्षर मूल अरबी लिपि में नहीं है । पर उर्दू और फ़ारसी में इसका इस्तेमाल होता है ।


ح - हे - ह के उच्चारण के लिए । शब्द के बीच में आने पर, जीम और चे की तरह इसका नीचे का घुमाव नहीं रहता है । उदाहरण के लिए हज ऐसे लिखेंगे - حج . यहाँ ग़ौर करें कि हे आधा है जबकि जीम पूरा ।


خ - ख़े - ख़ के उच्चारण के लिए । यह उच्चारण ख (जैसा कि हिन्दी शब्द खेल में हो) से भिन्न है और इसमें ख़राशने जैसी ध्वनि का घोष होता है ।

د - दॉल - इससे द का उच्चारण होता है । दॉल संयुक्त होने पर भी अलग रहता है । जैसे दवात ऐसे लिखते हैं - دوات ।
ذ - ज़ॉल - इससे ज़ का उच्चारण होता है । फ़ारसी में ज और ज़ (j/z) के उच्चारण के लिए कुल पाँच वर्ण हैं, ये इनमें दूसरा है । इससे पहले वर्णित जीम से ज (जिससे जमाल जैसे शब्द बने हैं) का उच्चारण होता है ।

गिनती



Numeral
Hindi
Farsi
फ़ारसी
1
एक
यक - یک
۱
2
दो
दो - دو
۲
3
तीन
सेः - سه
۳
4
चार
चहर - چحار
۴
5
पाँच
पंज - پنج
۵
6
छे
शश  - شش
۶
7
सात
हफ़्त - حفت
۷
8
आठ
हश्त - حشت
۸
9
नौ
ने - نی
۹
10
दस
दहा - ده
۱۰
100
सौ
सद - صد
۱۰۰
1000
हजार
हज़ार - حزار
۱۰۰۰


फ़ारसी में (हिन्दी और अंग्रेज़ी की तरह) संख्याओं को बाएँ से दाहिने लिखते हैं, जबकि अक्षरों को दाहिने से बाँये । ये प्रभाव अरबी से आया है । इतिहास के अनुसार अरबी में ये प्रभाव ख़ुद भारतीय पद्धति से आया है ।

This ends the 2nd part of alphabets. Many of you might already know of this. Please write back, if you have any comments. Here is another link to learn the Persian alphabets.